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ऑपरेशन ट्राइडेंट

भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 के दौरान, 4/5 दिसम्बर की रात को भारतीय नौसेना के युद्धपोतों (किलटान, कच्छल, निपात, निर्घात तथा वीर) ने कराची बंदरगाह पर पहला मिसाइल आक्रमण किया। करीब रात 10:30 बजे जब भारतीय नौसैनिक बेड़ा कराची से दक्षिण में 70 नॉटिकल मील दूरी पर पहुंचा, तब युद्धपोत ’निपात’ के अधिकारी ने रडार पर पाकिस्तान के एक जहाज को देखा। दुश्मन के उस जहाज को मिसाइलों के प्रहार से तुरंत डुबो दिया गया। बाद में उस जहाज की पहचान पाकिस्तानी विध्वंसक ’खैबर’ के रूप में हुई। बंदरगाह की तरफ आगे बढ़ने पर, भारतीय युद्धपोत वीर ने पाकिस्तानी माईनस्वीपर ’मुहाफ़िज़’ को कर्मीदल सहित जलमग्न कर दिया। इस भारतीय मिसाइल बोट अभियान में चार पाकिस्तानी जहाजों को ध्वस्त कर दिया गया तथा अन्य दो को भारी क्षति पहुंचाई गई। भारतीय नौसेना के विध्वंसक प्रहार के दौरान कराची तेल भण्डार को आग की भेंट कर दिया गया तथा बंदरगाह को भी भारी नुकसान पहुँचाया गया। इस भीषण लड़ाई में भारतीय नौसैनिक बेड़े की विध्वंसक गोलाबारी ने पाकिस्तान की कराची बंदरगाह को पूर्ण रुप से निष्प्रभावी कर दिया। 

 

OPERATION TRIDENT

On the night of 04/05 Dec 1971, Indian Naval Ships Kiltan, Katchall, Nipat, Nirghat and Veer carried out their first missile attack over Karachi harbour. When Indian fleet reached 70 nautical miles South of Karachi around 10:30 PM, one of the officers on INS Nipat observed a blip on the radar indicating approaching enemy ship and fired a number of missiles to sink it. It was later identified as PNS Khaibar (Pakistani destroyer). On approaching harbour, INS Veer fired missiles on to PNS Muhafiz (Pakistan coastal minesweeper) to sink it along with its crew. In its maiden missile boat operation after independence, the Indian Navy destroyed four Pakistani ships and damaged another two. The Pakistani fuel reserves and harbour were also destroyed. In this fiercest battle, Indian Navy ships bombarded Karachi harbour with devastating fire power inflicting huge losses on to the adversary.