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ऑपरेशन मेघदूत
ऑपरेशन मेघदूत भारत की उत्तरी सीमा के सियाचिन-ग्लेशियर क्षेत्र में लड़ा जाने वाला एक चुनौतिपूर्ण सैनिक अभियान है। इस क्षेत्र में पाकिस्तान की ’क़ायदे आज़म’ पोस्ट 21,153 फीट ऊँचाई पर 1,500 फीट की बर्फीली दीवार पर किले की तरह स्थित थी। यह पोस्ट नज़दीकी सभी भारतीय पोस्टों पर हावी थी। सामरिक महत्व वाली इस पोस्ट पर कब्ज़ा करने के लिए भारतीय सेना ने 23 जून 1987, को हमले की कार्रवाई शुरु की। कठिन व प्रतिकूल परिस्थितियों, शून्य से 50 डिग्री कम तापमान एवं बर्फीले तूफानों के बीच भारतीय 8 जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फेन्ट्री के जाँबाज़ सैनिकों ने तीन दिन तथा तीन रातों तक भीषण सैन्य कार्रवाई करते हुए, 26 जून 1987 को पाकिस्तानी पोस्ट पर अपना कब्ज़ा जमा लिया। युद्ध के इतिहास में यह एक अद्वितीय तथा असाधारण अभियान था। बाद में पोस्ट का नाम इस अभियान में विशिष्ट योगदान के लिए एक बहादुर सैनिक के नाम पर ’बाना टॉप’ रख दिया गया। 

 
OPERATION MEGHDOOT
Operation Meghdoot is an operation along our North-Western border region in high altitude area of Siachen Glacier. The enemy post 'Quaid-e-Azam' at an altitude of 21,153 ft with 1500 ft steep ice wall was so well positioned that it dominated the Indian posts all around. To capture this strategically located position, Indian Army launched its offensive on 23 June 1987. After three days and three nights of grueling operation under the most difficult and adverse weather conditions with temperatures going down to minus 50 degrees C and intense snow blizzards, 8 JAK LI accomplished the mission on 26 June 1987. It is considered as a feat unparalleled in the history of high altitude warfare. Later, the post was named as 'Bana Top' taking its name from one of the valiant soldiers who participated in this Operation. 
  
 
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