संकल्पना



    स्मारक परिसर भव्य राजपथ और केंद्रीय वीथी की वर्तमान रूपरेखा तथा सममिति के अनुरूप है। भूदृश्यों की सुंदरता और वास्तुशिल्प की सादगी को महत्व देते हुए परिवेश की गरिमा को बरकरार रखा गया है। परिसर में मुख्य स्मारक के अतिरिक्त राष्ट्र के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार 'परमवीर चक्र' से सम्मानित शूरवीरों की आवक्ष प्रतिमाओं के लिए एक क्षेत्र भी समर्पित है। मुख्य स्मारक का डिजाइन न केवल इस तथ्य को प्रदर्शित करता है कि कर्तव्य निर्वहन के दौरान सर्वोच्च बलिदान करने वाले सैनिक अमर हो जाते हैं बल्कि यह भी दर्शाता है कि एक सैनिक की आत्मा शाश्वत रहती है। स्मारक में निम्नलिखित विशिष्ट वृत्त हैं:-

1.     'अमर चक्र' । यहां अमर ज्योति के साथ एक स्मारक स्तंभ है। यह ज्योति शहीद सैनिकों की आत्मा की अमरता का प्रतीक है साथ ही एक आश्वासन कि राष्ट्र अपने सैनिकों के बलिदान को कभी नहीं भुलाएगा।

2.     'वीरता चक्र' । इस आवृत दीर्घा में हमारी सशस्त्र सेनाओं द्वारा लड़ी गई छह वीरतापूर्ण लड़ाइयों को कांस्य भित्ति-चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है।

3.     'त्याग चक्र' । वृत्ताकार समकेंद्रीय प्रतिष्ठा दीवारें जो प्राचीन युद्ध व्यूह रचना 'चक्रव्यूह' का प्रतीक हैं। दीवारों में ग्रेनाइट की पट्टिकाएं लगी हैं और सर्वोच्च बलिदान करने वाले प्रत्येक सैनिक को एक ग्रेनाइट पट्टिका समर्पित है और उनके नाम स्वर्णाक्षरों में उत्कीर्ण किए गए हैं।

4.     'रक्षक चक्र' ।रक्षक चक्र में घने वृक्षों की पंक्ति किसी भी प्रकार के खतरे से देश के नागरिकों की सुरक्षा का पुनः आश्वासन है जहां प्रत्येक वृक्ष राष्ट्र की क्षेत्रीय अखंडता की दिन-रात रक्षा करने वाले बहुत से सैनिकों का प्रतिनिधित्व करता है। 
 

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Remarks of Prime Minister Shri Narendra Modi on 25 February 2019 

 

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